लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का दायरा और बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में ओलंपिक, पैरालंपिक और एशियाई खेलों में रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर रखते हुए सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
सीधी भर्ती के बढ़ेंगे अवसर
कैबिनेट के इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में सीधी भर्ती के अधिक अवसर मिलेंगे। सरकार का मानना है कि इससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी।
पहले नहीं था पदों का प्रावधान
प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि पहले ओलंपिक, पैरालंपिक और एशियाई खेलों के ऐसे पदक विजेता खिलाड़ी, जो समूह ‘ख’ और ‘ग’ के पदों के लिए पात्र थे, उनके लिए पदों का सृजन नहीं किया गया था। इस कारण उन्हें सीधी नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पाता था।
कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
खेल मंत्री ने बताया कि अब मंत्रिमंडल ने ऐसे खिलाड़ियों को लोक सेवा आयोग की चयन प्रक्रिया से बाहर रखते हुए सीधी भर्ती के जरिए सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवा के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश के युवा खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सम्मान और रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
